Monday, January 29, 2024

 दोस्तों गणतंत्रता दिवस क्यों मनाया जाता है आप सब अच्छी तरह जानते हैं| मै आज इसमे उल्लिखित "गण" पर कुछ कहना चाहता हूँ | प्रतापी सम्राट रावण ने जब भगवान शिव से वरदान माँगा था कि इन तरह के व्यक्तियों से मै कभी न मारा जाऊँ तो अपने अहंकार के चलते उसने सामान्य मानव यानि "गण" का नाम नहीं लिया | इसी के चलते भगवान राम ने एक गण नायक बनकर उसका दमन किया | हमे इस दिवस के महत्व को इसी साधारण गण को ही केंद्र मे रखकर समझना चाहिए |

आज हम देख पा रहे है कि इसी "गण " के लिए आज सारे तंत्र अपने को बदल रहे हैं, चाहे वो राजनीति हो या समाज, अर्थनीति या कारपोरेट जगत| यहाँ तक कि आज इसी "गण" के लिए लोकतंत्र के चारों स्तंभों को अपने आपको बदलना पड़ रहा है| आज हर क्षेत्र मे विविधता, समानता, और समावेशन के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया जा रहा है |भारत मे आज एन एस ई मे सूचीबद्ध सभी कंपनियों मे महिलायें प्रबंधन के 20 फीसदी से ज्यादा पदों पर काबिज हैं| स्वयं सहायता समूह जैसे तंत्र आज देश के सुदूर गाँव मे भी प्रभावशाली ढंग से काम कर रहे हैं |सामान्य व्यक्ति, जिसे ही मैं "गण' कहकर संबोधित कर रहा हूँ का "मिलेट" आज शासकीय भोज का हिस्सा बन रहे हैं|
इन्ही "गण" की ताकत है कि आज रोजगार के मायने बदल गये है| आज लोग बड़े आत्मविश्वास से अपने को " सेल्फ एमपलॉयड" बताते हैं| आज हम देख रहे हैं कि बिहार मे संचालित " दीदी की रसोई " ने कैसे देखते ही देखते राज्य के विभिन्न अस्पतालों मे हजारों मरीजों को स्वस्थ और घर का खाना पँहुचाते हुए 1700 से अधिक महिलाओं को आजीविका और आत्मसम्मान प्रदान किया | अहमदाबाद के "काँकरिया लेक फूड हब "जो स्ट्रीट फूड प्रोवाइड करवाती है, के ग्राहकों की संख्या करोड़ों मे है| ये सब भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के इन्ही गण पर केंद्रित " ईट राइट आंदोलन" के तहत है| आज हर गली मे आपको एम बी ए और इंजीनियर चाय वाला मिल जाएगा एक अद्भुत आत्मविश्वास के साथ |
अभी थोड़े ही दिनों पहले हमने कोरोना के समय मे हजारों कामगारों का अपने कार्यस्थल से निष्कासन देखा, परंतु उनमे से बहुत लोग आज अपने ही घर से स्टार्ट अप चला कर हजारों को रोजगार दे रहे हैं|
इसी " गण" की ताकत है कि आज डिजिटल डिवाइड जैसी समस्याएं नेपथ्य मे दिखाई देने लगी हैं | आज देश के कोने कोने मे सैकड़ों हजारों यू ट्यूबर्स मिल जाएंगे, जिनका कंटेन्ट भी उन्ही के रंग ढंग मे देखने को मिलेगा| ये उनके आत्म विश्वास और आत्म गौरव का द्योतक है |
इसी " गण " की ताकत है कि आज कोई आयोजन हो चाहे वो जी-20 का हो चाहे भगवान राम के मंदिर मे प्राण प्रतिष्ठा का, सबमे विविधता और समावेशन का अंदाज दिखाई देता है|
बातें बहुत है परंतु सबका लब्बो लुआब है कि आज हम एक युगांतरकारी परिवर्तन के मुहाने पर खड़े हैं| आज हम सारे भारत के "गण" अपने अपने कर्तव्यों का धार्मिक रूप से पालन करते हुए इस गणतंत्र को समूचे विश्व का सिरमौर बना दें| आप सभी को 75वै गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं | जय हिन्द जय भारत |

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